anidaan
07-15-2009, 10:30 PM
दिल मिलता है
दिल-ए-बेताब नही मिलता,
अन्धेरे मे जो रौशन हो
वो आफ़ताब नही मिलता,
दोस्त मिल जाते है विशवास
नही मिलता,
अन्जाम भूल जाते है
आगाज़ नही मिलता.
दिल-ए-बेताब नही मिलता,
अन्धेरे मे जो रौशन हो
वो आफ़ताब नही मिलता,
दोस्त मिल जाते है विशवास
नही मिलता,
अन्जाम भूल जाते है
आगाज़ नही मिलता.